ब्रेकिंग अपडेट में हम बात कर रहे हैं AKTU (डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी) की ओर से जारी उस सर्कुलर की, जो B.Tech छात्रों के भविष्य को नई दिशा दे सकती है। अगर आप B.Tech द्वितीय वर्ष के छात्र हैं और ब्रांच चेंज का इंतजार कर रहे थे, तो ये खबर आपके लिए है। 9 दिसंबर 2025 को जारी इस नोटिफिकेशन में यूनिवर्सिटी ने संस्थानवार अप्रूव्ड ब्रांच चेंज की लिस्ट जारी की है, जो सेशन 2025-26 के तृतीय सेमेस्टर से लागू होगी। लेकिन क्या ये बदलाव सभी छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगा, या कुछ चुनौतियां भी साथ लाएगा? आइए डिटेल में समझते हैं, पिछले सालों के अनुभवों और सोशल मीडिया डिस्कussions के आधार पर।
AKTU ब्रांच चेंज प्रक्रिया: क्या है ये और क्यों महत्वपूर्ण?
AKTU में B.Tech प्रोग्राम के छात्रों के लिए ब्रांच चेंज एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो पहले साल की परफॉर्मेंस के आधार पर दिया जाता है। ये प्रक्रिया छात्रों को उनकी पसंदीदा ब्रांच जैसे कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल या सिविल में शिफ्ट करने की अनुमति देती है, बशर्ते सीट्स उपलब्ध हों और उनका CGPA योग्य हो। इस साल के सर्कुलर के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने 10 नवंबर 2025 को जारी पत्र (संख्या AKTU/परी/नि/का/2025/शा.परि/2286) के आधार पर आवेदनों का रिव्यू किया और अप्रूव्ड लिस्ट जारी की।
पिछले सालों के ट्रेंड्स को देखें तो, Reddit पर कई छात्रों ने शेयर किया है कि ब्रांच चेंज से उनकी करियर प्रोस्पेक्ट्स बेहतर हुईं, लेकिन कॉम्पिटिशन हाई होता है। उदाहरण के लिए, एक रेडिट यूजर ने बताया कि IET लखनऊ में ब्रांच चेंज पाने के लिए कम से कम 8.5 CGPA जरूरी था, वरना आसान नहीं। इसी तरह, X (पूर्व ट्विटर) पर IERT Allahabad जैसे इंस्टीट्यूट्स ने पिछले सालों में मेरिट लिस्ट शेयर की, जो दिखाती है कि YGPA पर बेस्ड चेंज होता है।
2025-26 सेशन के लिए ब्रांच चेंज: क्या बदला और कैसे प्रभावित होगा छात्रों पर?
इस सर्कुलर में यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि सभी अप्लिकेशंस का परीक्षण नियमों के अनुसार किया गया, और सक्षम स्तर से अप्रूवल मिलने के बाद लिस्ट जारी की गई। मुख्य पॉइंट्स:
- एलिजिबिलिटी: पहले साल के रिजल्ट्स (YGPA/CGPA) पर आधारित, साथ में उपलब्ध सीट्स।
- प्रक्रिया: संस्थानों से आवेदन मंगाए गए, रिव्यू कमिटी ने चेक किया।
- इम्पैक्ट: अप्रूव्ड छात्रों को तुरंत नई ब्रांच में शिफ्ट, जो उनके करियर को बूस्ट दे सकता है। लेकिन अगर आपकी ब्रांच चेंज नहीं हुई, तो निराशा हो सकती है – रेडिट पर कई छात्रों ने शेयर किया कि रिजेक्शन के बाद वे गेट या प्लेसमेंट पर फोकस करते हैं।
X पर हालिया पोस्ट्स से पता चलता है कि पिछले सेशंस में ब्रांच चेंज के लिए स्पेशल कैरी ओवर एग्जाम भी मददगार साबित हुए, जो छात्रों को बैकलॉग क्लियर करने का मौका देते हैं। अगर आपकी ब्रांच चेंज हो गई है, तो बधाई! लेकिन याद रखें, नई ब्रांच में सब्जेक्ट्स चेंज होने से स्टडी पैटर्न बदल सकता है।
संस्थानवार अप्रूव्ड लिस्ट: कैसे चेक करें और क्या उम्मीद करें?
सर्कुलर के साथ अटैच्ड लिस्ट में संस्थानवार छात्रों के नाम, रोल नंबर, पुरानी ब्रांच और नई ब्रांच का डिटेल है। उदाहरण के लिए, अगर आप ABES Engineering College या IERT जैसे इंस्टीट्यूट से हैं, तो लिस्ट में चेक करें। यूनिवर्सिटी ने सभी संबंधित संस्थानों को सूचित करने को कहा है, ताकि छात्रों को अपडेट मिले।
अगर टेबल की बात करें, तो यहां एक सैंपल फॉर्मेट है जो PDF से इंस्पायर्ड है। फुल लिस्ट के लिए नीचे दिए PDF लिंक से डाउनलोड करें।
| संस्थान का नाम | छात्र का नाम/रोल नंबर | पुरानी ब्रांच | नई ब्रांच |
|---|---|---|---|
| उदाहरण इंस्टीट्यूट 1 | छात्र A / 12345 | इलेक्ट्रिकल | कंप्यूटर साइंस |
| उदाहरण इंस्टीट्यूट 2 | छात्र B / 67890 | मैकेनिकल | सिविल |
पूर्ण लिस्ट डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें: AKTU ब्रांच चेंज PDF 2025-26
PDF स्क्रीनशॉट: विजुअल रेफरेंस के लिए
इस सर्कुलर की विश्वसनीयता को समझने के लिए, यहां PDF का एक स्क्रीनशॉट ऐड करने की जगह है। ये इमेज यूनिवर्सिटी के ऑफिशियल लेटरहेड, डेट और सिग्नेचर दिखाएगी, जो छात्रों को कन्फर्मेशन देगी। अगर आप इस आर्टिकल को पढ़ रहे हैं, तो नीचे दी गई इमेज से डिटेल्स वेरिफाई करें। (यहां PDF स्क्रीनशॉट अपलोड करें – जैसे मुख्य पेज का स्नैपशॉट जहां ब्रांच चेंज का ऐलान है।)
छात्रों के अनुभव और टिप्स: रेडिट और X से इंसाइट्स
रेडिट पर AKTU सबरेडिट में छात्रों ने शेयर किया कि ब्रांच चेंज के लिए पहले साल में हाई CGPA मेनटेन करना जरूरी है, वरना मुश्किल। एक यूजर ने बताया, “KIET में ECE से CSE में चेंज करने के लिए 9+ CGPA चाहिए था।” इसी तरह, X पर AKTU Students Help जैसे अकाउंट्स ने पिछले सालों की लिस्ट्स शेयर कीं, जो दिखाती हैं कि प्रोसेस ट्रांसपेरेंट है लेकिन डिले हो सकता है।
टिप: अगर चेंज नहीं हुआ, तो बैकलॉग क्लियर करने के लिए स्पेशल एग्जाम दें। पिछले सालों में दिसंबर-जनवरी में एग्जाम हुए थे, तो इस साल भी संभावित रूप से जनवरी 2026 से शुरू हो सकते हैं।
ब्रांच चेंज के फायदे और चुनौतियां: एक बैलेंस्ड एनालिसिस
फायदे: बेहतर प्लेसमेंट ऑपर्च्युनिटीज, जैसे CSE में शिफ्ट से टेक जॉब्स आसान। रेडिट पर एक छात्र ने कहा, “ब्रांच चेंज से मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ा।”
चुनौतियां: नई ब्रांच में एडजस्टमेंट, सब्जेक्ट्स मिस मैच। X पर डिस्कशन से पता चलता है कि कुछ छात्र रिजेक्शन के बाद ब्रांच प्रायोरिटी चेंज करते हैं। लूपहोल: अगर EWS कैटेगरी है, तो एक्स्ट्रा सीट्स मिल सकती हैं, जैसा notesgallery.com पर मेंशन्ड।
अगर बैकलॉग हैं, तो collgo.com से प्रीवियस ईयर क्वेश्चन पेपर्स डाउनलोड करें B.Tech के लिए। प्रीवियस ईयर पेपर्स
FAQ: AKTU ब्रांच चेंज क्विज – टेस्ट योर नॉलेज!
नीचे एक सिंपल इंटरएक्टिव क्विज है, जो रेडिट और X से उठाए गए कॉमन क्वेश्चन्स पर बेस्ड है। ये HTML/JS कोड है – इसे कॉपी पेस्ट करके वर्डप्रेस में यूज करें। यूजर जवाब चुनेंगे, और सही/गलत फीडबैक मिलेगा।
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