लखनऊ, 26 नवंबर 2025 – आज पूरा देश 76वाँ संविधान दिवस मना रहा है और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) ने अपने सभी संबद्ध इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, फार्मेसी और मैनेजमेंट कॉलेजों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के तहत हर संस्थान में आज ठीक सुबह 11 बजे भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ आयोजित करना अनिवार्य कर दिया गया है।
AKTU का आधिकारिक सर्कुलर – क्या कहता है?
AKTU के उप कुलसचिव डॉ. डी.सी. सिंह द्वारा जारी पत्र (पत्रांक: AKT/U/कुस.का./स्था./2025/9411, दिनांक 26 नवंबर 2025) में स्पष्ट किया गया है कि UGC सचिव प्रो. मनीष आर. जोशी के 24 नवंबर के D.O. पत्र के आधार पर यह कार्यक्रम अनिवार्य रूप से आयोजित किया जाना है।
मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं:
- 26 नवंबर 2025 को सुबह ठीक 11:00 बजे सभी संस्थानों में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ।
- विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रस्तावना पढ़ने की ऑनलाइन सुविधा constitution75.com और MyGov.in पर उपलब्ध।
- वेबिनार, सेमिनार, वर्कशॉप आदि का आयोजन।
- MyGov.in पर “Constitutional Democracy” विषय पर ऑनलाइन क्विज़ में भागीदारी।
- सभी गतिविधियों की फोटो, वीडियो और सर्टिफिकेट constitution75.com पर अपलोड करना अनिवार्य।
AKTU ने सभी संस्थानों से कहा है कि कार्यक्रम के बाद Action Taken Report के साथ डाटा तुरंत constitution75.com पर अपलोड किया जाए।
UGC ने सभी विश्वविद्यालयों-कॉलेजों को दी ये 5 प्रमुख जिम्मेदारियाँ
| क्रमांक | कार्यक्रम | प्लेटफॉर्म / समय |
|---|---|---|
| 1 | संविधान प्रस्तावना का सामूहिक पाठ | 26 नवंबर, सुबह 11:00 बजे (संस्थान परिसर में) |
| 2 | विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रस्तावना पढ़ना | constitution75.com और MyGov.in |
| 3 | वेबिनार/सेमिनार/वर्कशॉप | संस्थान स्तर पर |
| 4 | ऑनलाइन क्विज़ में भागीदारी | MyGov.in |
| 5 | फोटो-वीडियो एवं सर्टिफिकेट अपलोड | constitution75.com |
आधिकारिक दस्तावेज़ देखें
AKTU का पूरा सर्कुलर और UGC का मूल पत्र आप यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं:
🔗 http://fms.aktu.ac.in/Resources/Attachments/Circular/209262weq3ml2z.pdf
(नोट: यह लिंक AKTU की आधिकारिक वेबसाइट से सीधे जुड़ा हुआ है और आज सुबह ही अपलोड किया गया है।)
क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस?
26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंतिम रूप से अंगीकृत किया था। साल 2015 से भारत सरकार ने इस दिन को औपचारिक रूप से “संविधान दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लिया ताकि युवा पीढ़ी डॉ. भीमराव अम्बेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं के योगदान को याद रखे और संविधान के मूल्यों – न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता – को जीवन में उतारे।
आज AKTU के अंतर्गत आने वाले सैकड़ों इंजीनियरिंग और प्रोफेशनल कॉलेजों में हजारों छात्र-छात्राएँ एक साथ खड़े होकर “हम, भारत के लोग…” की गूंज से परिसर को मुखरित कर रहे हैं। कई कॉलेजों ने तो लाइव स्ट्रीमिंग भी शुरू कर दी है ताकि अधिक से अधिक लोग जुड़ सकें।









