सुप्रीम कोर्ट के ‘सिटी हाउंड बाय स्ट्रे, किड्स पे प्राइस’ केस में पारित हालिया आदेशों के बाद AKTU ने तुरंत एक्शन लिया है। आवारा कुत्तों से कैंपस में बढ़ते खतरे को रोकने के लिए नोडल ऑफिसर प्रवीण कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई – जानिए ABC प्रोग्राम, शिकायत प्रक्रिया और स्टूडेंट्स के लिए क्या बदलेगा।
लखनऊ: अगर आप AKTU या इसके संबद्ध कॉलेजों के स्टूडेंट हैं, तो ये खबर आपके लिए राहत वाली है। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त 2025 और 7 नवंबर 2025 को पारित आदेशों में आवारा कुत्तों की समस्या को राष्ट्रीय खतरे के रूप में चिह्नित किया है, खासकर स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और पब्लिक प्लेस पर। कोर्ट ने साफ कहा कि कुत्तों के काटने से सालाना हजारों मामले दर्ज होते हैं, जिनमें 90% से ज्यादा स्ट्रे डॉग्स से होते हैं – और ये बच्चे, बुजुर्ग व स्टूडेंट्स को सबसे ज्यादा निशाना बनाते हैं। इसी के जवाब में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) ने 2 दिसंबर 2025 को सर्कुलर जारी कर आवारा कुत्तों के कंट्रोल के लिए नोडल ऑफिसर नियुक्त किया है। ये कदम कैंपस सेफ्टी को मजबूत करने का पहला बड़ा स्टेप है, जहां पहले भी कई बाइट इंसिडेंट्स रिपोर्ट हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: आवारा कुत्तों पर क्यों लगाम जरूरी?
सुप्रीम कोर्ट का सुो-मोटो रिट पिटीशन (सिविल) नंबर 5/2025 “सिटी हाउंड बाय स्ट्रे, किड्स पे प्राइस बनाम अन्य” केस देशभर की आवारा कुत्तों की समस्या को हाईलाइट करता है। कोर्ट ने कहा कि ये न सिर्फ पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 (लाइफ एंड पर्सनल लिबर्टी) का उल्लंघन भी। 2025 के जजमेंट में जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने नोट किया कि भारत में सालाना 20,000 से ज्यादा रेबीज डेथ्स होती हैं, जिनमें 90% स्ट्रे डॉग्स से। कोर्ट ने ABC (एनिमल बर्थ कंट्रोल) और ARV (एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन) प्रोग्राम्स को स्ट्रॉन्गली लागू करने का आदेश दिया, लेकिन साथ ही कहा कि कैंपस जैसे इंस्टीट्यूशनल एरियाज में स्ट्रे डॉग्स को तुरंत शेल्टर में शिफ्ट किया जाए – रिलीज न हो।
तर्क साफ है: कैंपस में खुले ग्राउंड्स, वेस्ट मैनेजमेंट की कमी और फूड वेस्ट से कुत्तों का हैबिटेट बन जाता है, जो स्टूडेंट्स के लिए रिस्की है। वेब सर्च से पता चलता है कि 2025 में ही केरल के वायनाड में प्राइमरी स्कूल में क्लासरूम में डॉग बर्थ के बाद बाइट इंसिडेंट हुआ, जहां 3rd क्लास स्टूडेंट घायल हुई। इसी तरह, बैंगलुरु के NLSIU कैंपस में स्ट्रे पॉपुलेशन से स्टूडेंट्स डरते हैं। AKTU का ये सर्कुलर इसी को रोकने के लिए है – यूनिवर्सिटी ने प्रवीण कुमार (मैनेजमेंट ऑफिसर, मोबाइल: 8004914197, ईमेल: vyavastha.adhikari@aktu.ac.in) को नोडल बनाया है, जो लोकल बॉडीज, एनिमल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन्स के साथ कोऑर्डिनेट करेंगे।
AKTU का एक्शन प्लान: नोडल ऑफिसर के ड्यूटीज क्या हैं?
AKTU ने सर्कुलर में साफ गाइडलाइंस दी हैं। नोडल ऑफिसर का रोल ABC/ARV प्रोग्राम्स को इंप्लीमेंट करना है, जो यूपी गवर्नमेंट के 17 नवंबर 2025 के लेटर (संख्या 2614/9-8-2025-10ज/2023 टी.सी.) पर बेस्ड है। ये लेटर DMs, SPs और डिपार्टमेंट्स को SC ऑर्डर्स का कंप्लायंस रिपोर्ट सबमिट करने का निर्देश देता है। AKTU के संबद्ध सभी इंस्टीट्यूट्स को भी अपना नोडल ऑफिसर अपॉइंट करना होगा।
मुख्य ड्यूटीज (सर्कुलर से):
- लोकल म्यूनिसिपल बॉडीज, एनिमल वेलफेयर ग्रुप्स और डिपार्टमेंट्स से कोऑर्डिनेशन करके ABC (स्टेरलाइजेशन) और ARV (वैक्सीनेशन) ड्राइव रन करना।
- कैंपस में डॉग बाइट या अटैक की शिकायतों पर तुरंत एक्शन, जैसे कैप्चर और शेल्टर ट्रांसफर।
- सभी इंसिडेंट्स का रिकॉर्ड रखना और मंथली रिपोर्ट vyavastha.adhikari@aktu.ac.in पर सबमिट करना।
- SC के 22 अगस्त और 7 नवंबर 2025 ऑर्डर्स के मुताबिक, कैंपस को डॉग-फ्री रखना – फीडिंग जोन्स न बनाना, वेस्ट मैनेजमेंट स्ट्रॉन्ग करना।
- अवेयरनेस कैंपेन रन करना, जैसे पोस्टर्स लगाना कि डॉग बाइट पर क्या करें (पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलेक्सिस)।
तर्क ये है कि कैंपस जैसे एरियाज में स्टूडेंट्स वनरेबल होते हैं – SC जजमेंट में उदाहरण दिया गया कि बैंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल में स्ट्रे डॉग्स से स्टूडेंट्स डरते हैं, और केरल स्कूल में क्लासरूम बाइट से बच्चे घायल हुए। AKTU का ये स्टेप न सिर्फ कंप्लायंस है, बल्कि स्टूडेंट सेफ्टी को प्रायोरिटी देता है। वेब न्यूज से 2025 में ही दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में फॉरेन कोचेस को बाइट हुआ, जो दिखाता है कि इंस्टीट्यूशनल एरियाज कितने रिस्की हैं।
आवारा कुत्तों की समस्या क्यों बढ़ी? SC के आंकड़ों से समझें
SC जजमेंट (32 पेज का डिटेल्ड ऑर्डर) में एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स 2023 का जिक्र है, जो 2001 रूल्स को अपडेट करता है। लेकिन इंप्लीमेंटेशन कमजोर है – कोर्ट ने कहा कि म्यूनिसिपल बॉडीज कैप्चर-स्टेरलाइज-रिलीज (CSR) तो करती हैं, लेकिन कैंपस जैसे सेंसिटिव एरियाज में रिलीज न करें। WHO और NCDC के डेटा से भारत में 59% रेबीज डेथ्स स्ट्रे डॉग्स से, और 2025 में 20,000+ केस रिपोर्ट हुए।
UP गवर्नमेंट लेटर में सभी DMs/SPs को निर्देश है कि लोकल बॉडीज ABC ड्राइव रन करें, हेल्पलाइन्स सेटअप करें। AKTU ने इसे कैंपस लेवल पर लागू किया – अब हर कॉलेज को अपना नोडल अपॉइंट करना होगा, जो मंथली रिपोर्ट देगा। ये सिस्टम ट्रांसपेरेंट बनेगा, क्योंकि SC ने स्टेट्स को 8 हफ्ते में कंप्लायंस एफिडेविट फाइल करने का ऑर्डर दिया है।
AKTU का ऑफिशियल सर्कुलर (2 दिसंबर 2025)
यूनिवर्सिटी ने SC जजमेंट और UP गवर्नमेंट लेटर की कॉपी अटैच्ड सर्कुलर जारी किया है। फुल डिटेल्स, नोडल ऑफिसर कॉन्टैक्ट और ड्यूटीज के लिए PDF चेक करें:
ऑफिशियल PDF डाउनलोड करें
कैंपस में आवारा कुत्तों से जुड़े कॉमन सवाल – FAQ (पिछले इंसिडेंट्स से)
2025 के न्यूज रिपोर्ट्स और क्वोरा/रेडिट थ्रेड्स (जैसे r/India, r/delhi) से स्टूडेंट्स के पुराने एक्सपीरियंस से ये सवाल उठे हैं। जवाब सर्कुलर और SC ऑर्डर्स से:
Q: कैंपस में डॉग बाइट होने पर क्या करें? (क्वोरा, 2025 केरल स्कूल केस से)
A: तुरंत नोडल ऑफिसर को रिपोर्ट करें (AKTU केस में vyavastha.adhikari@aktu.ac.in)। पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलेक्सिस लें – वैक्सीन और इम्यूनोग्लोबुलिन। SC ने कहा कि गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स में फ्री उपलब्ध हो। एक स्टूडेंट ने शेयर किया, “बैंगलुरु यूनिवर्सिटी में बाइट के बाद 3 डोज वैक्सीन ली, लेकिन डिले से टेंशन हुई – नोडल सिस्टम से अब फास्ट होगा।”
Q: कॉलेज को नोडल ऑफिसर कब तक अपॉइंट करना है? (रेडिट r/India, 2024 कॉलेज इंसिडेंट्स)
A: तत्काल प्रभाव से – सर्कुलर में “तत्काल” लिखा है। मंथली रिपोर्ट नोडल को भेजनी होगी। पुराने केस में, “दिल्ली यूनिवर्सिटी में डिले से ABC ड्राइव रुकी, अब SC प्रेशर से चेंज आएगा।”
Q: ABC प्रोग्राम क्या है, और कैंपस में कैसे लागू होगा? (X पोस्ट्स, 2025 SC ऑर्डर पर)
A: एनिमल बर्थ कंट्रोल – कैप्चर, स्टेरलाइज, वैक्सीनेट, शेल्टर में शिफ्ट। SC ने कहा कि कैंपस में रिलीज न हो। तर्क: पॉपुलेशन कंट्रोल से बाइट्स 50% कम। एक ट्वीट में, “केरल स्टेशन पर 30 बाइट्स के बाद ABC से सुधार, AKTU कैंपस में भी यही होगा।”
Q: अगर कुत्ता रेबीज से संक्रमित हो तो? (वेब न्यूज, 2025 IMH चेन्नई केस)
A: ARV वैक्सीनेशन जरूरी। AKTU नोडल लोकल वेट डिपार्टमेंट से कोऑर्डिनेट करेगा। SC ने WHO गाइडलाइंस फॉलो करने का ऑर्डर दिया – 90% डेथ्स रेबीज से, लेकिन वैक्सीन से सेव हो सकती हैं।
Q: अवेयरनेस प्रोग्राम कब शुरू होंगे? (क्वोरा, 2023-25 इंसिडेंट्स)
A: नोडल ऑफिसर की ड्यूटी में शामिल – पोस्टर्स, वर्कशॉप्स। SC ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड को SOP जारी करने का कहा, जो 4 हफ्ते में आएगा।
AKTU स्टूडेंट्स, अब कैंपस में वॉक करते वक्त सेफ फील करेंगे। नोडल से संपर्क रखें – ये बदलाव आपके सेफ्टी के लिए है! कोई एक्सपीरियंस शेयर करें कमेंट्स में।









