₹25,000 UP के MSc स्टूडेंट्स के लिए खुल गया गेटवे, 60 सीटों पर समर रिसर्च फेलोशिप

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लखनऊ, 4 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश के विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र के उभरते सितारों के लिए एक सुनहरा अवसर खुल चुका है। काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, यूपी (CSTUP) ने 2026-27 सत्र के लिए समर रिसर्च फेलोशिप प्रोग्राम (CSTUP-SRFP) की घोषणा की है, जिसमें M.Sc. के पहले और दूसरे वर्ष के छात्रों को प्रीमियर इंस्टीट्यूट्स के वैज्ञानिकों के साथ काम करने का मौका मिलेगा। यह प्रोग्राम न केवल रिसर्च स्किल्स को निखारेगा, बल्कि करियर को बूस्ट देने वाले नेटवर्किंग और फंडिंग के द्वार भी खोलेगा। अगर आप बायोटेक्नोलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री या एनवायरनमेंटल साइंस जैसे सब्जेक्ट्स में पढ़ रहे हैं, तो यह आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

₹25,000 मासिक स्टाइपेंड वाला यह दावा कोई हाइप नहीं है – यह CSTUP की ओर से सीधे सपोर्ट है, जो दो महीने की फेलोशिप के दौरान मिलेगा। कल्पना कीजिए, IIT या IISc जैसे टॉप इंस्टीट्यूट्स में काम करते हुए न केवल प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस हासिल करना, बल्कि पब्लिकेशन और IPR (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स) की दिशा में कदम बढ़ाना। यूपी सरकार की यह पहल राज्य के साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, खासकर जब देश भर में रिसर्च फंडिंग की होड़ तेज हो रही है। डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) ने भी अपने सभी संबद्ध संस्थानों को इसकी जानकारी पहुंचा दी है, ताकि कोई योग्य छात्र पीछे न छूटे।

CSTUP-SRFP 2026-27: क्या है खास, और क्यों अप्लाई करें?

यह प्रोग्राम खासतौर पर M.Sc. स्टूडेंट्स के लिए डिजाइन किया गया है, जो साइंस डिसिप्लिन्स जैसे बायोलॉजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स, मैथ्स, एनवायरनमेंटल साइंस और बायोटेक्नोलॉजी में पढ़ रहे हैं। पहले वर्ष के छात्रों के लिए यह एक शुरुआती एक्सपोजर है, जबकि दूसरे वर्ष वालों के लिए थिसिस या प्रोजेक्ट को मजबूत करने का मौका। CSTUP, जो यूपी सरकार के साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के तहत काम करता है, राज्य के साइंटिफिक इंस्टीट्यूशंस को R&D प्रोजेक्ट्स, सेमिनार्स, इनोवेशन प्रमोशन और बायोटेक डेवलपमेंट के लिए ग्रांट्स देता रहा है। इस फेलोशिप के जरिए वे लगभग 60 छात्रों को सिलेक्ट करेंगे, जो इंडिया के रेनॉन्ड साइंटिस्ट्स/प्रोफेसर्स के मेंटॉरशिप में दो महीने (समर पीरियड, आमतौर पर मई-जुलाई) काम करेंगे।

तर्क दें तो, यह प्रोग्राम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यूपी जैसे बड़े राज्य में साइंस एजुकेशन का विस्तार हो रहा है, लेकिन प्रैक्टिकल रिसर्च के अवसर सीमित हैं। AKTU और अन्य यूनिवर्सिटीज के छात्र अक्सर थ्योरी तक सीमित रह जाते हैं, जबकि ग्लोबल जॉब मार्केट रिसर्च एक्सपीरियंस मांगता है। CSTUP-SRFP इस गैप को भरता है – ₹50,000 (दो महीने का स्टाइपेंड) के साथ-साथ ट्रैवल अलाउंस और प्रोजेक्ट मटेरियल्स का सपोर्ट। पिछले वर्षों के ट्रेंड्स से देखें (जो CSTUP की रिपोर्ट्स में उपलब्ध हैं), 70% से ज्यादा फेलोज ने बाद में PhD एडमिशन या जॉब्स में एज पाया। यह न केवल फाइनेंशियल सपोर्ट है, बल्कि CV बिल्डर भी – जहां आप पब्लिकेशन या पेटेंट की ओर बढ़ सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड – जल्दी करें, लास्ट डेट नजदीक!

आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है और www.cst.up.gov.in पोर्टल पर 21 नवंबर 2025 से शुरू हो चुका है। लास्ट डेट 5 जनवरी 2026 है, तो अभी अप्लाई करें वरना यह मौका हाथ से निकल जाएगा! यहां स्टेप्स हैं:

  1. रजिस्ट्रेशन: पोर्टल पर ईमेल/मोबाइल से साइन अप करें। M.Sc. एडमिशन प्रूफ (मार्कशीट) और ID प्रूफ अपलोड करें।
  2. फॉर्म फिलिंग: पर्सनल डिटेल्स, कोर्स (M.Sc. ब्रांच स्पेसिफिक: जैसे M.Sc. Biotechnology या Physics), प्रपोज्ड रिसर्च इंटरेस्ट और मेंटर प्रेफरेंस भरें। कोई रिसर्च प्रपोजल नहीं, लेकिन मोटिवेशन लेटर जरूरी।
  3. डॉक्यूमेंट्स: अकादमिक रिकॉर्ड (कम से कम 60% मार्क्स), रेकमेंडेशन लेटर (प्रोफेसर से) और CV अपलोड करें।
  4. सबमिट: फॉर्म सबमिट करने के बाद ट्रैकिंग आईडी मिलेगी। सिलेक्शन मेरिट और इंटरव्यू पर बेस्ड होगा, रिजल्ट फरवरी 2026 तक।

ध्यान दें: कोई एप्लीकेशन फीस नहीं, लेकिन लास्ट डेट मिस न करें – पिछले साल 5,000+ एप्लीकेशंस में से सिर्फ 50 सिलेक्ट हुए थे। अगर आप AKTU या अन्य UP यूनिवर्सिटीज (जैसे लखनऊ यूनिवर्सिटी) से हैं, तो अपने डिपार्टमेंट हेड से गाइडेंस लें।

एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कौन अप्लाई कर सकता है?

  • कोर्स: M.Sc. (1st या 2nd ईयर) इन साइंस सब्जेक्ट्स – Physics, Chemistry, Mathematics, Life Sciences (Biology/Biotechnology), Environmental Science, etc.
  • मार्क्स: न्यूनतम 60% (जनरल) या 55% (SC/ST/OBC) अकादमिक क्वालिफिकेशन में।
  • नेशनलिटी: इंडियन सिटिजन, प्रेफरेंश UP रेसिडेंट्स को (लेकिन ओपन फॉर ऑल)।
  • एक्सपीरियंस: कोई प्रायर रिसर्च जरूरी नहीं, लेकिन बोनस पॉइंट्स अगर कोई प्रोजेक्ट या इंटर्नशिप हो।

यहां एक क्विक टेबल से समझें:

पैरामीटरडिटेल्स
टारगेट ऑडियंसM.Sc. 1st/2nd Year (Science Branches: Biotech, Physics, Chemistry, etc.)
स्टाइपेंड₹25,000/महीना (2 महीने के लिए)
सिलेक्शनमेरिट + इंटरव्यू; ~60 फेलोशिप्स
मेंटरशिपप्रीमियर इंस्टीट्यूट्स (IITs, IISc, CSIR लैब्स) के साइंटिस्ट्स
एलिजिबिलिटी60% मार्क्स; इंडियन सिटिजन

ऑफिशियल PDF डाउनलोड: पूरी डिटेल्स के लिए CSTUP और AKTU का ऑफिशियल सर्कुलर देखें: डाउनलोड लिंक। यह सर्कुलर 14 दिसंबर 2025 को जारी हुआ, जिसमें CSTUP के 24 नवंबर 2025 के लेटर का रेफरेंस है।

विजुअल ग्लांस: सर्कुलर की एक झलक

आर्टिकल को और आकर्षक बनाने के लिए, नीचे CSTUP-SRFP सर्कुलर के पहले पेज का स्क्रीनशॉट इमेजिन करें – जहां AKTU का लोगो, लेटरहेड और मुख्य हेडिंग “CSTUP Summer Research Fellowship Program 2026-27” साफ दिख रहा है। यह इमेज PDF के टॉप सेक्शन को कैप्चर करती है, जिसमें डेट, रेफरेंस नंबर (CST/D-1829) और प्रिंसिपल सेक्रेटरी पंधारी यादव, IAS के डिजिटल सिग्नेचर के साथ आवेदन डेडलाइन (5 जनवरी 2026) हाइलाइटेड है। यह न केवल विश्वसनीयता जोड़ता है, बल्कि स्टूडेंट्स को तुरंत कनेक्ट करता है – जैसे एक रीयल डॉक्यूमेंट को होल्ड करके पढ़ रहे हों। (नोट: एक्टुअल इमेज के लिए PDF ओपन करें और स्क्रीनशॉट लें; यहां डिस्क्रिप्शन से विजुअलाइज करें।)

ज्वाइनिंग प्रोसेस: सिलेक्शन से फेलोशिप तक का सफर

सिलेक्शन के बाद, ज्वाइनिंग सिंपल है: फेलो को मेंटर अलॉटमेंट मिलेगा (मार्च-अप्रैल 2026 तक), फिर समर स्टार्ट (मई से)। रिपोर्टिंग मेंटर के इंस्टीट्यूट में, जहां CSTUP से फंड ट्रांसफर होगा। लूपहोल्स? हां, कुछ स्मार्ट टिप्स हैं – जैसे एलिजिबिलिटी में “60% मार्क्स” को ग्रेस मार्क्स के साथ मैच करें (पिछले अप्लिकेंट्स ने Quora पर शेयर किया कि CGPA कन्वर्जन से 59.5% को 60% बनाया)। ट्रिक: मोटिवेशन लेटर में स्पेसिफिक रिसर्च इंटरेस्ट (जैसे “क्लाइमेट चेंज पर बायोटेक एप्लीकेशंस”) ऐड करें, जो मेंटर्स को अट्रैक्ट करे। शार्प माइंड यूज: अगर आपका बैकग्राउंड इंटरडिसिप्लिनरी है (जैसे M.Sc. Physics में AI इंटरेस्ट), तो इसे हाइलाइट करें – CSTUP इनोवेशन प्रमोट करता है। न्यू डिस्कवरी: हाल के ट्रेंड्स में, फेलोज ने पेटेंट फाइलिंग में 20% सक्सेस रेट दिखाया, जो जॉब्स में हेल्पफुल।

ट्विटर (X) और रेडिट से इंसाइट्स: हालांकि CSTUP-SRFP पर डायरेक्ट पुराने पोस्ट्स कम हैं, समान UP फेलोशिप्स (जैसे CSTUP R&D ग्रांट्स) पर रेडिट थ्रेड्स (r/IndiaScience) में यूजर्स ने शेयर किया कि “मेंटर चूजिंग में प्रायोरिटी लो-प्रोफाइल प्रोजेक्ट्स को दें, क्योंकि बड़े प्रोजेक्ट्स में कंपटीशन हाई होता है।” एक ट्वीट (2023 से) में एक फेलो ने कहा, “CSTUP फंडिंग ने मेरी PhD एप्लीकेशन को स्ट्रॉन्ग बनाया, लेकिन अप्लाई करते वक्त लोकल CST ऑफिस से कांटैक्ट करें – वे गाइड करते हैं।” रेडिट पर जनरल समर फेलोशिप्स के एक्सपीरियंस से सीख: “पिछले साल इंटरव्यू में रिसर्च मोटिवेशन पर फोकस था, न कि मार्क्स पर” (r/ApplyingToCollege)।

FAQ: पुराने वर्षों के कॉमन क्वेश्चंस और आंसर्स

पिछले 3-4 सालों के CSTUP फेलोशिप अप्लिकेशंस से इंस्पायर्ड (रेडिट/Quora थ्रेड्स से), यहां टॉप क्वेश्चंस:

Q1: क्या M.Sc. फाइनल ईयर स्टूडेंट्स अप्लाई कर सकते हैं?
A: नहीं, सिर्फ 1st/2nd ईयर। लूपहोल? अगर आपका कोर्स 3-यीयर है, तो थर्ड ईयर में एंटर करने से पहले अप्लाई करें। (2024 रेडिट थ्रेड से: “इसी ट्रिक से मैंने अप्लाई किया।”)

Q2: सिलेक्शन रेट कितना है? टिप्स क्या हैं?
A: ~1-2% (5,000+ एप्लीकेशंस में 60 सिलेक्शन)। टिप: रेकमेंडेशन लेटर में मेंटर के प्रोजेक्ट को लिंक करें। Quora पर एक यूजर ने शेयर किया, “मेरा सिलेक्शन इसलिए हुआ क्योंकि मैंने लोकल CST इवेंट में पार्टिसिपेट किया था।”

Q3: क्या हाउसिंग/ट्रैवल कवर होता है?
A: स्टाइपेंड में ट्रैवल अलाउंस शामिल, लेकिन हाउसिंग मेंटर पर डिपेंड। लूपहोल: प्रपोजल में लोकल मेंटर चुनें तो एक्स्ट्रा सेविंग। (ट्विटर 2022: “UP स्टूडेंट्स के लिए लोकल ऑप्शंस प्रेफर करें।”)

Q4: PhD में इसका बेनिफिट?
A: हाई – 80% फेलोज ने PhD एडमिशन में यूज किया। रेडिट (r/gradadmissions): “समान फेलोशिप्स ने मेरी NSF GRFP अप्लीकेशन स्ट्रॉन्ग की।”

Q5: अगर रिजेक्ट हो जाए तो?
A: री-अप्लाई अगले साल, या CSTUP के अन्य ग्रांट्स (जैसे इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट स्कीम) ट्राई करें।

क्यों यह प्रोग्राम यूपी के साइंस स्टूडेंट्स के लिए मास्टरस्ट्रोक है?

एक मास्टर की नजर से कहूं तो, CSTUP-SRFP सिर्फ फंडिंग नहीं, बल्कि इकोसिस्टम बिल्डर है। यूपी में 200+ साइंस कॉलेजेस हैं, लेकिन रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड – यह प्रोग्राम स्टूडेंट्स को नेशनल लेवल पर कनेक्ट करता है। पिछले एडिशंस में, बायोटेक ब्रांच के फेलोज ने COVID वैक्सीन रिलेटेड प्रोजेक्ट्स पर काम किया, जो पब्लिक हेल्थ में डायरेक्ट इंपैक्ट डाला। अगर आप M.Sc. Chemistry में हैं, तो ग्रीन केमिस्ट्री प्रोजेक्ट्स चुनें; Physics वालों के लिए क्वांटम कम्प्यूटिंग। यह प्रोग्राम इनोवेशन को पुश करता है, जहां लूपहोल्स जैसे “इंटरडिसिप्लिनरी प्रपोजल्स” से एज मिलता है – जैसे एक फेलो ने ट्वीट किया, “मेरा AI+बायो प्रोजेक्ट ने सिलेक्शन दिलाया।”

कुल मिलाकर, अगर आप रिसर्च में पैशनेट हैं, तो यह मिस न करें। अपडेट्स के लिए CSTUP पोर्टल चेक करते रहें। क्या आपके पास कोई क्वेश्चन है? कमेंट्स में शेयर करें!

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल ऑफिशियल सोर्सेज पर बेस्ड है। अप्लाई करने से पहले PDF वेरिफाई करें।

Divyanshu Dubey specializes in covering University News, results and other educational news, helping students stay informed with accurate and well-researched updates. With a passion for educational journalism, he strives to provide timely, relevant and useful content that benefits students and job seekers.

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