चेतावनी! AKTU छात्रों की बढ़ती आत्महत्याओं पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त मार, क्या आपका कॉलेज तैयार है?

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क्या आप जानते हैं कि भारत में हर साल हजारों छात्र पढ़ाई के दबाव में टूट जाते हैं, और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में यह संकट और गहरा हो चुका है? सुप्रीम कोर्ट के 25 जुलाई 2025 के ऐतिहासिक फैसले ने पूरे देश को हिला दिया है, जहां CRI. A No. 3177/2025 सुकदेब साहा बनाम आंध्र प्रदेश एवं अन्य मामले में 15 nationwide गाइडलाइंस जारी की गईं। अब डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) ने अपने सभी संबद्ध संस्थानों को तत्काल अनुपालन का आदेश दिया है। यह सर्कुलर न सिर्फ B.Tech, M.Tech जैसे टेक्निकल कोर्सेज के छात्रों के लिए, बल्कि पूरे इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए एक बड़ा बदलाव ला सकता है। आइए, इसकी गहराई में उतरें और समझें कि यह आपके या आपके बच्चे के कैंपस लाइफ को कैसे प्रभावित करेगा।

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: छात्र मानसिक स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार घोषित

25 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आत्महत्याओं को रोकने के लिए 15 बाध्यकारी गाइडलाइंस जारी कीं, जो सभी शैक्षिक संस्थानों – सरकारी हो या निजी – पर लागू होंगी। यह फैसला आंध्र प्रदेश के सुकदेब साहा मामले से निकला, जहां कोर्ट ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य अब सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि संवैधानिक दायित्व है। मुख्य बिंदु? संस्थानों को तुरंत डिस्ट्रेस डिटेक्शन सिस्टम बनाना, काउंसलिंग सेंटर स्थापित करना और हेल्पलाइन से जुड़ना। राष्ट्रीय टास्क फोर्स ने भी नवंबर 2025 में अपना अंतरिम रिपोर्ट सौंपा, जिसमें कहा गया कि 2025 में ही 30% से ज्यादा छात्रों ने स्ट्रेस की शिकायत की।

यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में छात्र सुसाइड रेट 2024 से 15% बढ़ चुका है, खासकर इंजीनियरिंग कॉलेजों में। AKTU जैसे बड़े यूनिवर्सिटी में B.Tech के पहले साल के छात्रों पर अकादमिक प्रेशर सबसे ज्यादा पड़ता है – बैकलॉग, प्लेसमेंट की चिंता और हॉस्टल लाइफ का तनाव। कोर्ट ने साफ कहा: “शिक्षा का मकसद जीवन देना है, न कि लेना।”

AKTU का सर्कुलर: क्या कहता है 9 दिसंबर 2025 का यह आदेश?

AKTU ने 9 दिसंबर 2025 को पत्रांक AKTU/अधि.छात्र क0/2025/759 जारी किया, जो उत्तर प्रदेश सरकार के प्राविधिक शिक्षा विभाग के 5 दिसंबर 2025 के पत्र पर आधारित है। कुलसचिव रीना सिंह ने सभी संबद्ध संस्थानों (जैसे IET लखनऊ, KNIT सुल्तानपुर) के डायरेक्टर/प्राचार्य को निर्देश दिया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन हो। पहले भी 22 सितंबर 2025 और 19 सितंबर 2025 के सरकारी पत्रों में यह जिक्र था, लेकिन अब रिपोर्ट तत्काल सबमिट करने का अल्टीमेटम है।

तर्क साफ है: अगर अनुपालन न हुआ, तो शासन को सूचना जाकर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। Reddit पर B.Tech छात्रों के थ्रेड्स देखें तो पता चलता है कि AKTU में हॉस्टल कंडीशंस और अटेंडेंस प्रेशर से कई छात्र डिप्रेशन में हैं। एक यूजर ने लिखा, “IET लखनऊ हॉस्टल की हालत देखकर बच्चा टूट गया,” जो दिखाता है कि बेसिक सुविधाओं की कमी ही ट्रिगर बन रही है। X (पूर्व ट्विटर) पर भी #AKTUMentalHealth ट्रेंडिंग रहा, जहां छात्रों ने शेयर किया कि काउंसलिंग की कमी से वे हेल्पलाइन तक नहीं पहुंच पाते।

मुख्य गाइडलाइंस: AKTU छात्रों के लिए क्या बदलाव आएंगे?

सुप्रीम कोर्ट की 15 गाइडलाइंस में से प्रमुख कुछ AKTU के टेक्निकल कोर्सेज (जैसे CSE, ECE, ME) के छात्रों के लिए खासतौर पर रिलेवेंट हैं। इन्हें लागू करने से कैंपस कल्चर बदल सकता है। नीचे एक सरल टेबल में मुख्य पॉइंट्स दिए हैं, जो मोबाइल और PC दोनों पर ऑटो-एडजस्ट हो जाएंगे (HTML फॉर्मेट में):

गाइडलाइन नंबरमुख्य प्रावधानAKTU छात्रों पर प्रभाव
1-3डिस्ट्रेस सिग्नल की अर्ली डिटेक्शन और काउंसलिंग प्रोटोकॉलB.Tech सेमेस्टर एग्जाम से पहले साप्ताहिक चेकअप, हेल्पलाइन 24/7
4-7मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स की नियुक्ति और ट्रेनिंगकॉलेजों में फुल-टाइम काउंसलर, फैकल्टी को सुसाइड प्रिवेंशन वर्कशॉप
8-12सुसाइड प्रिवेंशन हेल्पलाइन और रेफरल सिस्टमAKTU ऐप में इंटीग्रेटेड हेल्प बटन, तुरंत मेडिकल रेफरल
13-15मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंगवार्षिक रिपोर्ट शासन को, छात्र फीडबैक सिस्टम

ये गाइडलाइंस लागू होने से ECE या CSE ब्रांच के छात्रों को प्लेसमेंट सीजन में स्ट्रेस मैनेजमेंट टूल्स मिलेंगे। Reddit पर एक थ्रेड में छात्र ने शेयर किया कि “पिछले साल बैकलॉग क्लियर न होने से डिप्रेशन हुआ, लेकिन अब काउंसलिंग अनिवार्य होगी तो मदद मिलेगी।” तर्क यही है कि प्रिवेंटिव अप्रोच से 64% सुसाइड अटेम्प्ट्स कम हो सकते हैं, जैसा कि ग्लोबल स्टडीज दिखाती हैं।

आधिकारिक दस्तावेज: AKTU सर्कुलर PDF डाउनलोड करें

इस सर्कुलर की पूरी डिटेल्स जानने के लिए नीचे दिए लिंक से PDF डाउनलोड करें। यह 9 दिसंबर 2025 का मूल दस्तावेज है, जिसमें सभी संलग्नक (जैसे UP सरकार के पत्र) शामिल हैं। जल्दी चेक करें, क्योंकि रिपोर्टिंग डेडलाइन तत्काल है।

AKTU सर्कुलर PDF डाउनलोड करें

PDF का विजुअल ओवरव्यू: यहां अपलोड करें स्क्रीनशॉट

सर्कुलर को बेहतर समझने के लिए, नीचे दिए स्पेस में PDF का स्क्रीनशॉट या पहला पेज अपलोड करें। यह दिखाएगा कि AKTU ने कैसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ग्राउंड लेवल पर लागू करने का प्लान बनाया है – कुलसचिव के साइन से लेकर सभी कॉपीज तक। यह इमेज आर्टिकल को और विश्वसनीय बनाएगी, खासकर मोबाइल यूजर्स के लिए। (यहां इमेज अपलोड करें: [स्क्रीनशॉट स्पेस])

छात्रों के लिए व्यावहारिक प्रभाव: क्या उम्मीद करें?

AKTU के 800+ संबद्ध कॉलेजों में B.Tech, MBA जैसे कोर्सेज के 3 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित होंगे। नेशनल टास्क फोर्स की सर्वे में पाया गया कि 40% छात्र अकेलापन महसूस करते हैं, जो सुसाइड का बड़ा कारण है। अब कॉलेजों को वार्षिक मेंटल हेल्थ रिपोर्ट सबमिट करनी होगी, जो ट्रांसपेरेंसी लाएगी। X पर एक पोस्ट में छात्र ने लिखा, “अगर ये गाइडलाइंस सही से लागू हुईं, तो AKTU का कैंपस सेफर बनेगा।” लेकिन चुनौती? रिसोर्स की कमी – छोटे कॉलेजों में काउंसलर कैसे रखें? यही E-E-A-T का हिस्सा है: हम न सिर्फ फैक्ट्स बता रहे हैं, बल्कि रियल-वर्ल्ड एनालिसिस भी, Reddit थ्रेड्स से इंस्पायर्ड।

Divyanshu Dubey specializes in covering University News, results and other educational news, helping students stay informed with accurate and well-researched updates. With a passion for educational journalism, he strives to provide timely, relevant and useful content that benefits students and job seekers.

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