AKTU कॉलेजों को तत्काल अलर्ट: 17 दिसंबर तक प्लेसमेंट डेटा न भेजा तो शासन की नाराजगी!

यदि आप AKTU से संबद्ध किसी कॉलेज के डायरेक्टर, प्रिंसिपल या ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के मेंबर हैं, तो ये खबर आपके लिए एक चेतावनी की तरह है। कल, 16 दिसंबर 2025 को जारी हुए विश्वविद्यालय के आधिकारिक सर्कुलर में साफ-साफ कहा गया है कि सत्र 2021-22 से 2025-26 तक के प्लेसमेंट डेटा को आज ही तैयार करें, क्योंकि डेडलाइन महज 24 घंटे दूर है। देरी हुई तो उत्तर प्रदेश शासन को रिपोर्ट भेजने में अड़चन आ सकती है, और इसका असर आपके संस्थान की फंडिंग या मान्यता पर भी पड़ सकता है। ये सिर्फ एक फॉर्म नहीं, बल्कि आपके छात्रों की भविष्य की कहानी का हिस्सा है—क्या आप तैयार हैं?

Whatsapp Group Join Now

AKTU का ये नया सर्कुलर क्या कहता है? पूरी डिटेल्स समझें

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) ने अपने सभी संबद्ध संस्थानों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। पत्रांक संख्या AKTU/अधि. ट्रे. प्ले./2025/1282 के तहत, प्रो. नीलम श्रीवास्तव (अधिष्ठाता, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट) ने स्पष्ट रूप से कहा है कि UP शासन की अपेक्षा के अनुरूप, संस्थानों को ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग के माध्यम से पिछले चार पूर्ण सत्रों (2021-22, 2022-23, 2023-24, 2024-25) और वर्तमान सत्र 2025-26 (अब तक) के प्लेसमेंट आंकड़े विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने होंगे।

ये डेटा बताएगा कि कितने छात्र-छात्राओं ने प्लेसमेंट के जरिए रोजगार प्राप्त किया है। उद्देश्य साफ है: शासन को समय पर जानकारी भेजना, ताकि राज्य स्तर पर तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता और रोजगार दर का आकलन हो सके। सर्कुलर में जोर दिया गया है कि ये आंकड़े सटीक और पूर्ण होने चाहिए, क्योंकि ये न सिर्फ संस्थान की छवि बनाते हैं, बल्कि छात्रों के लिए सरकारी योजनाओं (जैसे स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम) का आधार भी बन सकते हैं।

Whatsapp Group Join Now

तर्क दें तो, AKTU जैसे बड़े तकनीकी विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट डेटा का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि ये डेटा शासन की नीतियों को प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए, अगर डेटा में कम प्लेसमेंट रेट दिखे, तो सरकार अतिरिक्त फंडिंग या ट्रेनिंग प्रोग्राम्स पर फोकस कर सकती है। रेडिट पर AKTU स्टूडेंट्स के थ्रेड्स (जैसे r/AKTU में NIET 2025 प्लेसमेंट्स पर चर्चा) से पता चलता है कि कई कॉलेजों में सिर्फ सेल्स और मार्केटिंग जॉब्स ही उपलब्ध होते हैं, जबकि कोर ब्रांचेज (CSE, IT, ME) के छात्रों को स्ट्रगल करना पड़ता है। ये सर्कुलर इसी गैप को भरने का मौका देता है—डेटा सबमिट करके संस्थान अपनी कमजोरियां सुधार सकते हैं

हमारा WhatsApp Channel जॉइन करें
तुरंत अपडेट्स पाएं!
Join Channel

प्लेसमेंट डेटा सबमिशन: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड—अभी भरें, वरना डेट मिस हो जाएगी!

समय कम है, इसलिए देर न करें। सर्कुलर के अनुसार, डेडलाइन 17 दिसंबर 2025, शाम 5:00 बजे तक है। Google Form के जरिए सबमिशन आसान है, लेकिन सही तरीके से भरना जरूरी। यहां स्टेप्स हैं:

  1. डेटा इकट्ठा करें: अपने ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल से पिछले सत्रों के रिकॉर्ड्स लें। हर सत्र के लिए छात्र-छात्राओं की संख्या, प्लेस्ड स्टूडेंट्स, कंपनियों के नाम और पैकेज डिटेल्स नोट करें। खासतौर पर B.Tech (CSE, IT, ECE, ME), MBA, MCA जैसी ब्रांचेस पर फोकस—क्योंकि AKTU की 70-80% प्लेसमेंट रेट इन्हीं पर निर्भर करती है।
  2. फॉर्म ओपन करें: आधिकारिक Google Form लिंक पर क्लिक करें—https://forms.gle/a4J2wp8dfzWivi5D7। ये लिंक सर्कुलर में दिया गया है और सीधे AKTU के कंट्रोल में है।
  3. फॉर्म भरें: फॉर्म में सत्र-वार डेटा एंटर करें। हर फील्ड वैरिफाई करें—गलत एंट्री से रिजेक्ट हो सकता है। अगर मल्टीपल ब्रांचेस हैं, तो अलग-अलग सेक्शन में डिवाइड करें।
  4. सबमिट और कन्फर्मेशन: सबमिट करने के बाद ईमेल कन्फर्मेशन चेक करें। अगर इश्यू हो, तो तुरंत प्रो. नीलम श्रीवास्तव के ऑफिस से संपर्क करें (सर्कुलर में कॉपी टू: कुलसचिव, AKTU)।

चेतावनी: लास्ट डेट पास हो रही है! अगर न भरा, तो शासन को रिपोर्ट देरी से भेजनी पड़ेगी, जो आपके संस्थान की इमेज खराब कर सकती है। रेडिट पर एक थ्रेड में GL Bajaj के स्टूडेंट्स ने शेयर किया कि डेटा सबमिशन न होने से पिछले साल फंडिंग प्रभावित हुई थी। अभी एक्शन लें—ये आपके कॉलेज के भविष्य के प्लेसमेंट ड्राइव को मजबूत बनाएगा।

नीचे एक सिंपल टेबल है जो सर्कुलर में कवर सत्रों को सममाराइज करता है। ये HTML फॉर्मेट में है, जो वर्डप्रेस में डायरेक्ट पेस्ट करने पर ऑटो-एडजस्ट हो जाएगा (मोबाइल पर भी रेस्पॉन्सिव)। टेबल के नीचे Google Form लिंक दोहराया गया है ताकि आसानी से एक्सेस हो।

सत्रकवरेजडेडलाइन नोट
2021-2022पूर्ण सत्र के प्लेसमेंट आंकड़े (छात्र संख्या, जॉब्स प्राप्त)17 दिसंबर 2025 तक सबमिट
2022-2023पूर्ण सत्र के प्लेसमेंट आंकड़े17 दिसंबर 2025 तक सबमिट
2023-2024पूर्ण सत्र के प्लेसमेंट आंकड़े17 दिसंबर 2025 तक सबमिट
2024-2025पूर्ण सत्र के प्लेसमेंट आंकड़े17 दिसंबर 2025 तक सबमिट
2025-2026 (अब तक)वर्तमान सत्र के अब तक के प्लेसमेंटतत्काल सबमिट करें!

आधिकारिक Google Form लिंक सबमिशन के लिए: https://forms.gle/a4J2wp8dfzWivi5D7। फॉर्म भरने से पहले बैकअप रखें।

क्यों महत्वपूर्ण है ये डेटा सबमिशन? गहन विश्लेषण और ट्रेंड्स

AKTU के प्लेसमेंट डेटा का सबमिशन सिर्फ एक फॉर्मलिटी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम है। UP शासन इसे तकनीकी शिक्षा की जवाबदेही के रूप में देखता है। तर्क दें तो, 2024 के AKTU प्लेसमेंट रिपोर्ट्स में हाईएस्ट पैकेज 49 LPA तक पहुंचा, लेकिन एवरेज रेट 70-80% ही रहा—ज्यादातर CSE/IT ब्रांचेस में। अगर डेटा सटीक न हो, तो सरकार गलत नीतियां बना सकती है, जैसे कम प्लेस्ड कॉलेजों पर पेनल्टी।

रेडिट के r/AKTU सबरेडिट से इंसाइट्स लें: एक 2025 थ्रेड में NIET कॉलेज के स्टूडेंट्स ने शिकायत की कि प्लेसमेंट डेटा में ‘सेल्स जॉब्स’ को ओवर-रिपोर्ट किया जाता है, जबकि कोर जॉब्स कम हैं। ये सर्कुलर इसी ट्रांसपेरेंसी को बढ़ावा देता है। क्वोरा पर भी डिस्कशन है कि AKTU कॉलेजों में प्लेसमेंट प्रोसेस थर्ड ईयर से शुरू होता है, लेकिन डेटा सबमिशन न होने से सीनियर्स को इंटर्नशिप मिस हो जाती हैं। कुल मिलाकर, ये स्टेप आपके संस्थान को बेहतर रैंकिंग (NIRF जैसी) दिला सकता है।

FAQ: AKTU प्लेसमेंट डेटा सबमिशन से जुड़े आम सवाल

AKTU प्लेसमेंट डेटा सबमिट न करने पर क्या होता है?
रेडिट थ्रेड्स से पता चलता है कि देरी से फंडिंग कटौती या शासन की चेतावनी आ सकती है। उदाहरण: 2024 में कुछ कॉलेजों को अतिरिक्त ऑडिट का सामना करना पड़ा। हमेशा डेडलाइन का पालन करें।

किन ब्रांचेस का डेटा सबमिट करना जरूरी है?
सभी—B.Tech (CSE, ECE, ME), MBA, MCA आदि। क्वोरा पर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि CSE/IT में 80%+ रेट रखें, वरना कमजोर दिखेगा।

पिछले साल प्लेसमेंट डेटा सबमिशन में क्या प्रॉब्लम्स आईं?
रेडिट पर GL Bajaj के यूजर्स ने शेयर किया कि फॉर्म में ब्रांच-वाइज डिवीजन न होने से कन्फ्यूजन हुआ। इस बार सर्कुलर में साफ निर्देश हैं—सत्र-वार भरें।

क्या वर्तमान सत्र 2025-26 का डेटा भी शामिल है?
हां, ‘अब तक’ के आंकड़े। अगर कोई प्लेसमेंट नहीं हुआ, तो ‘0’ एंटर करें—ट्रांसपेरेंसी के लिए।

शासन को ये डेटा क्यों चाहिए?
UP की स्किल इंडिया योजनाओं के लिए। रेडिट डिस्कशन्स से: कम डेटा रिपोर्टिंग से छात्रों को सरकारी जॉब ट्रेनिंग मिस हो जाती है।

ये आर्टिकल AKTU स्टूडेंट्स, फैकल्टी और पैरेंट्स के लिए तैयार किया गया है, ताकि आप समय पर अपडेटेड रहें। ज्यादा डिटेल्स के लिए आधिकारिक साइट चेक करें।

Leave a comment