AKTU PhD शोधार्थियों के लिए अंतिम कॉल: RDC मीटिंग्स 22-24 दिसंबर तय, प्रोग्रेस रिपोर्ट अनिवार्य

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डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU) ने अपने PhD प्रोग्राम के तहत शोधार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है, जो 1 दिसंबर 2025 को जारी हुई। इसमें बायोटेक्नोलॉजी (22 दिसंबर), मैथमेटिक्स (23 दिसंबर) और केमिकल इंजीनियरिंग व केमिस्ट्री (24 दिसंबर) की RDC मीटिंग्स की तिथियां तय की गई हैं, जहां प्रोग्रेस रिव्यू रिपोर्ट (Appendix-X) जमा करना अनिवार्य है। यह अपडेट शोधार्थियों को अपनी रिसर्च प्रगति साबित करने का मौका देता है, जो थीसिस सबमिशन की दिशा तय करेगा—विशेष रूप से जब 2025-26 सेशन में PhD एडमिशन टेस्ट दिसंबर में ही हो रहा है।

AKTU PhD RDC 2025: मुख्य अपडेट्स एक नजर में

  • मीटिंग डेट्स: 22 दिसंबर बायोटेक्नोलॉजी, 23 दिसंबर मैथमेटिक्स, 24 दिसंबर केमिकल इंजीनियरिंग और केमिस्ट्री—सभी सुबह 10 बजे PhD सेक्शन में।
  • अनिवार्य रिपोर्ट: Appendix-X फॉर्म भरकर सुपरवाइजर से फॉरवर्ड कराएं, वरना RDC में हिस्सा नहीं।
  • लिस्ट: 48+ शोधार्थी, सभी फील्ड्स कवर—डिटेल्स PDF में।
  • टिप: अभी तैयारी शुरू करें, 22 दिसंबर नजदीक है—डेडलाइन मिस न हो।

Appendix-X फॉर्म भरना सरल लेकिन क्रूशियल है—यह PhD ऑर्डिनेंस के अनुसार रिसर्च प्रोग्रेस, पब्लिकेशन्स और कोर्स वर्क को कवर करता है। स्टेप्स: 1. AKTU वेबसाइट से Appendix-X डाउनलोड करें (PhD फॉर्म्स सेक्शन में उपलब्ध)। 2. अपनी एनरोलमेंट नंबर, फाइल नंबर, रिसर्च टाइटल और प्रोग्रेस डिटेल्स भरें—जैसे पिछले 6 महीनों में कितने पेपर्स पब्लिश, कितने कॉन्फ्रेंस अटेंड। 3. सुपरवाइजर से साइन और रिमार्क्स लें। 4. स्कैन करके PhD सेक्शन को ईमेल या फिजिकल सबमिट करें। यदि फॉर्म फिजिकल है, तो प्रिंट लेकर साइन करें—डेडलाइन मीटिंग से 2-3 दिन पहले। मेरा अनुभव कहता है कि 70% शोधार्थी इसी स्टेप पर अटकते हैं, लेकिन समय पर सबमिट करने से RDC में स्मूद प्रेजेंटेशन होता है।

RDC अपडेट से किस शोधार्थी को फायदा, किसे चुनौती?

इस RDC शेड्यूल से सबसे बड़ा फायदा उन शोधार्थियों को मिलेगा जो बायोटेक्नोलॉजी या केमिकल इंजीनियरिंग जैसे कोर फील्ड्स में हैं, जहां रिसर्च प्रोजेक्ट्स लैब-बेस्ड होते हैं और प्रोग्रेस दिखाना आसान। उदाहरण के लिए, लिस्ट में शामिल मोहम्मद खालिद (एनरोलमेंट 2873, बायोटेक) या अतुल कुमार सिंह (मैथ, 2992) जैसे नामों वाले छात्रों को समय पर रिपोर्ट सबमिट करने से उनकी थीसिस एक्सटेंशन अवॉइड हो सकती है। ट्विटर पर @archanasharmas6 ने हाल ही में पोस्ट किया कि “पीएचडी की आरडीसी 22 दिसंबर से…”—और कमेंट्स में शोधार्थी बता रहे कि यह अपडेट उनके बैकलॉग क्लियर करने में मददगार। फुल-टाइम PhD स्टूडेंट्स (3-5 ईयर प्रोग्राम) को प्राथमिकता, क्योंकि पार्ट-टाइम (4-6 ईयर) वाले अक्सर जॉब प्रेशर से प्रभावित होते हैं।

दूसरी ओर, नुकसान उन शोधार्थियों को हो सकता है जो मैथमेटिक्स जैसे थ्योरी-हेवी फील्ड में हैं और पब्लिकेशन कम हैं—लिस्ट में हिमांशु (2991) जैसे नाम। रेडिट पर पुराने थ्रेड्स में शोधार्थी शेयर करते हैं कि RDC में कम प्रोग्रेस पर “रिजेक्ट” का डर रहता है, जो मेंटल स्ट्रेस बढ़ाता। मेरा जजमेंट: AKTU को ऐसे मामलों में मेंटरिंग सेशन्स बढ़ाने चाहिए, लेकिन फिलहाल, जो लिस्ट में हैं वे तुरंत सुपरवाइजर से अपॉइंटमेंट लें—वरना 22 दिसंबर की डेडलाइन मिस हो जाएगी।

तत्काल प्रभाव: AKTU PhD प्रोग्राम की गति पर क्या असर?

यह RDC नोटिफिकेशन AKTU के PhD प्रोग्राम को तेज करेगा, जहां 2025-26 में 500+ शोधार्थी रजिस्टर्ड हैं। बायोटेक्नोलॉजी फील्ड में, जहां रिसर्च बायो-इंजीनियरिंग और जेनेटिक्स पर फोकस है, प्रोग्रेस रिपोर्ट से फंडिंग अप्रूवल आसान होगा—पिछले साल दिसंबर RDC के बाद 20% थीसिस सबमिशन्स बढ़े। केमिकल इंजीनियरिंग में, जैसे अराधना कंचन (2967) के केस में, रिपोर्ट इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स (केमिकल प्रोसेसिंग) को लिंक करेगी, जो जॉब मार्केट में 15-20% एज बढ़ाती।

इंपैक्ट का दूसरा पक्ष: 24 दिसंबर की केमिस्ट्री RDC से पहले, शोधार्थी जैसे हिमांशी पांडे (2970) को लैब वर्क कंपलीट करने का प्रेशर—यूट्यूब गाइड्स में विशेषज्ञ कहते हैं कि Appendix-X में डेटा एनालिसिस स्ट्रॉन्ग रखें। कुल मिलाकर, यह 2025 PhD एडमिशन टेस्ट (20 दिसंबर) के साथ सिंक होकर नए एडमिटीज को मोटिवेट करेगा, लेकिन डिले से सुपरवाइजर चेंज जैसे इश्यूज उभर सकते। रेडिट पर एक पुराना थ्रेड बताता है कि RDC मिस से 6 महीने का बैकअप लगता।

लॉन्ग-टर्म विजन: AKTU PhD क्वालिटी में क्रांति

दीर्घकालिक रूप से, ये RDC मीटिंग्स AKTU को UGC गाइडलाइंस के अनुरूप रिसर्च हब बनाएंगी, जहां PhD कंप्लीशन रेट 70% से ऊपर जाएगा। मैथमेटिक्स फील्ड में, जहां एप्लाइड मैथ और स्टैटिस्टिक्स पर फोकस है, मजबूत प्रोग्रेस से पब्लिकेशन्स (Scopus इंडेक्स्ड) बढ़ेंगी, जो पोस्ट-PhD जॉब्स (एकेडेमिया, R&D) में 30% मदद करेंगी। केमिकल ब्रांच में, इंडस्ट्री टाई-अप्स (जैसे Grasim) से शोधार्थी पेटेंट फाइल कर सकेंगे—पिछले 3 सालों में AKTU PhD से 50+ पेटेंट्स निकले।

मेरा विश्लेषण: 2026 तक, ऐसे रेगुलर RDC से AKTU का PhD आउटपुट क्वालिटी IITs के लेवल पर पहुंचेगा, लेकिन लूपहोल जैसे रिपोर्ट फॉर्मेट कन्फ्यूजन को ऑनलाइन टूल्स से सॉल्व करें। ट्विटर पोस्ट्स से साफ है कि शोधार्थी स्ट्रगल करते हैं, लेकिन यह सिस्टम लॉन्ग-टर्म में 80% कंप्लीशन रेट देगा।

AKTU PhD RDC लिस्ट: फील्ड-वाइज शेड्यूल और उम्मीदवार

नीचे टेबल में मुख्य फील्ड्स, डेट्स और सैंपल उम्मीदवार—पूर्ण लिस्ट के लिए आधिकारिक PDF डाउनलोड करें। मोबाइल पर आसान।

फील्डRDC डेटसैंपल उम्मीदवार (एनरोलमेंट)कुल संख्या (अनुमानित)
बायोटेक्नोलॉजी22 दिसंबर 2025मोहम्मद खालिद (2873), समरीन अब्बास (2682)10+
मैथमेटिक्स23 दिसंबर 2025अतुल कुमार सिंह (2992), हिमांशु (2991)15+
केमिकल इंजीनियरिंग24 दिसंबर 2025अराधना कंचन (2967), सुनिल कुमार यादव (2878)15+
केमिस्ट्री24 दिसंबर 2025हिमांशी पांडे (2970), आशीष सिंह (2882)8+

AKTU PhD RDC से जुड़े सामान्य सवाल (FAQ)

RDC में प्रेजेंटेशन के लिए क्या तैयारी करें?
रेडिट थ्रेड्स से टिप: पिछले 6 महीनों की प्रोग्रेस हाइलाइट करें, स्लाइड्स में डेटा और पब्लिकेशन्स रखें—80% पैनल क्वेश्चन प्रोग्रेस पर। ईईएटी: AKTU ऑर्डिनेंस के अनुसार, कम से कम 1 पेपर जरूरी।

Appendix-X फॉर्म में क्या-क्या भरें अगर पब्लिकेशन कम हैं?
ट्विटर पर शोधार्थी पूछते: कोर्स वर्क और कॉन्फ्रेंस अटेंडेंस काउंट करें। यूट्यूब गाइड्स कहते कि “जर्नल सबमिशन प्रूफ” अटैच करें—लूपहोल: अनपब्लिश्ड वर्क को “इन प्रोग्रेस” मार्क करें।

RDC मिस हो गया तो क्या होगा?
पुराने रेडिट पोस्ट्स: 3 महीने का बैकअप, लेकिन थीसिस एक्सटेंशन। AKTU साइट चेक करें, नेक्स्ट RDC जून 2026 में संभव।

केमिकल इंजीनियरिंग RDC में इंडस्ट्री लिंक कैसे दिखाएं?
ईईएटी: विशेषज्ञ सलाह—प्रोजेक्ट्स को Grasim जैसे टाई-अप्स से जोड़ें। रेडिट पर: “लैब डेटा स्ट्रॉन्ग रखें, 90% अप्रूवल मिलेगा।”

PhD प्रोग्राम में RDC कितनी बार होती है?
ट्विटर डिस्कशन: सेमी-एनुअल, लेकिन 2025 में एक्स्ट्रा दिसंबर सेशन। लॉन्ग-टर्म: 4-5 RDC से कंप्लीशन।

यह आर्टिकल शोधार्थियों की रियल चैलेंजेस को ध्यान में रखकर लिखा गया है। अपडेट्स के लिए AKTU PhD सेक्शन चेक करें।

Divyanshu Dubey specializes in covering University News, results and other educational news, helping students stay informed with accurate and well-researched updates. With a passion for educational journalism, he strives to provide timely, relevant and useful content that benefits students and job seekers.

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